पीला जंभला (Yellow Jambhala)
पंच जंभला के प्रमुख

Jambhala

पीला जंभला (Yellow Jambhala)

स्वर्ण-पीले रंग का शरीर, दाएँ पैर से शंख और रत्न पर आरूढ़, बाएँ हाथ में रत्न उगलने वाला नेवला धारण किए हुए, खजाना वर्षा के समान बरसाते हैं, और तिब्बती गुप्त बौद्ध परंपरा के पाँच धन देवताओं के सर्वोच्च अधिपति हैं।

बौद्ध सूत्रों के प्रमाण और पूर्णता का मूल स्रोत

उत्तर दिशा के धनद वैश्रवण (कुबेर) की करुणामयी अभिव्यक्ति, जिन्हें बुद्ध ने सद्धर्म पुंडरीक सूत्र का प्रवचन करते समय बुद्ध धर्म और साधकों की संपत्ति की रक्षा का दायित्व सौंपा था।

महाकरुणा के महान प्रण एवं दुःख-मोचन के पुण्य

सभी आर्थिक गरीबी और अभाव के दुख से मुक्ति, नियमित एवं अनियमित धन-संपत्ति का आकर्षण, पुण्य, आयु और साधना के संसाधनों की वृद्धि।

मूल मंत्र-चक्र और ध्यान-अवलोकन

ॐ जम्भल जलेंद्राय स्वाहा

oṃ dzambhala dzalen-draye svāhā

जप उच्चारण:ॐ जम्भला जलेन्द्राये स्वाहा

धन-देवता की साधना का मर्म “दान की भावना” में है। जो जितना अधिक धन चाहता है, उसे उतना ही अधिक दान करना चाहिए और स्वर्ग व पृथ्वी को वापस देना चाहिए; तभी यह धन-देवता की प्रतिज्ञा के अनुरूप होगा।

अपनी बुद्ध मार्ग की डिजिटल पुण्य-साधना प्रारंभ करें

प्रतिदिन अच्छे कर्मों की चेक-इन, इलेक्ट्रॉनिक मुयु पर मंत्र जाप और ध्यान के माध्यम से पुण्य अंक अर्जित करें, और स्वयं की बुद्ध-प्रकृति के जागरण का साक्षी बनें।