पार्वती (देवी पार्वती)
स्नेहमयी एवं निष्ठावान मातृ देवी

पार्वती

पार्वती (देवी पार्वती)

हिमालय की पुत्री, शिव की निष्ठावान और परम प्रिय पत्नी, गणेश और स्कंद की माता, जो शुद्धतम प्रेम, निष्ठापूर्ण तपस्या और पारिवारिक पूर्णता का प्रतीक हैं।

वैदिक उत्पत्ति और ब्रह्मांडीय देवत्व

देवी सती का पुनर्जन्म, जिन्होंने हिमालय में हजारों वर्षों की सर्वोच्च तपस्या की और अपने अत्यंत सच्चे हृदय से शिव की हजारों वर्षों से जमी हुई समाधि को पिघला दिया।

दिव्य कर्तव्य एवं नवग्रह देवताओं का सहसंबंध

विवाह में सुख-समृद्धि, पारिवारिक सामंजस्य का आशीर्वाद देना, पति-पत्नी के बीच परस्पर विरोध या ग्रह-दोष का निवारण करना, तथा स्त्रियों की आंतरिक दिव्य शक्ति के जागरण की अधिष्ठात्री होना।

पवित्र मंत्र एवं ध्यान प्रार्थना

ॐ ह्रीं उमापार्वत्यै नमः

oṃ hrīṃ umā-pārvatyai namaḥ

जप उच्चारण:ॐ ह्रीं उमा-पार्वती नमः

अटूट धैर्य के साथ चित्त की साधना करना, गहन निःस्वार्थ प्रेम का पोषण करना, प्रेम के पूर्वजन्म के कर्मबंधनों को दूर करने में सहायक है।

अपनी वैदिक ज्योतिष जन्म कुंडली (Kundli) अनलॉक करें

उच्च-सटीक लाहिरी अयनांश गणना के माध्यम से अपने आत्मकारक (Atmakaraka), चंद्र नक्षत्र (Nakshatra) और विशिष्ट आत्मिक संरक्षक आशीर्वाद का निर्धारण करें।