
शनि
शनि देव (लॉर्ड शनि)
काला कौआ, शीतल और गंभीर, साढ़े सात वर्ष की परीक्षा (साडे साती) लाने में विशेषज्ञ, दृढ़ आत्माओं को तपाने वाले कठोर गुरु।
वैदिक उत्पत्ति और ब्रह्मांडीय देवत्व
सूर्य देव और छाया देवी के पुत्र, अपने अनुभवों के कारण साधारण लोगों की उपेक्षा की पीड़ा को समझते हैं, और अहंकार तथा विलासिता को दंडित करते हैं।
दिव्य कर्तव्य एवं नवग्रह देवताओं का सहसंबंध
घमंड और अहंकार को नष्ट करना, लोहे और पत्थर जैसी दृढ़ता तथा देर से मिलने वाली महान सफलता प्रदान करना, वैदिक ज्योतिष में शनि के अनुरूप।
पवित्र मंत्र एवं ध्यान प्रार्थना
ॐ शं शनैश्चराय नमः
oṃ śaṃ śanaiścarāya namaḥ
जप उच्चारण:ॐ शं शनैश्चराय नमः
कार्य करते समय व्यावहारिक और जमीन से जुड़े रहना, समाज के निचले तबके के अकेले और दुखी लोगों की देखभाल करना, शुद्ध मन और इच्छाओं का त्याग तथा धैर्य बनाए रखना, यह कड़वे कष्ट को देर से सफल होने वाले महान स्तंभ में बदल सकता है।
अपनी वैदिक ज्योतिष जन्म कुंडली (Kundli) अनलॉक करें
उच्च-सटीक लाहिरी अयनांश गणना के माध्यम से अपने आत्मकारक (Atmakaraka), चंद्र नक्षत्र (Nakshatra) और विशिष्ट आत्मिक संरक्षक आशीर्वाद का निर्धारण करें।