सूर्य देव (Lord Surya)
समस्त प्रकाश एवं जीवन का स्रोत

सूर्य

सूर्य देव (Lord Surya)

सात अश्वों वाले स्वर्णिम सूर्यदेव रथ पर आरूढ़, हाथों में लाल कमल लिए, सहस्र किरणों से आठों दिशाओं को आलोकित करते हुए, सम्पूर्ण ब्रह्मांड को प्रकाश एवं ऊर्जा प्रदान करते हैं।

वैदिक उत्पत्ति और ब्रह्मांडीय देवत्व

कश्यप ऋषि और अदिति के पुत्र, नग्न आँखों से दिखाई देने वाले सर्वोच्च प्राकृतिक देवता, मानव आत्मा की ऊर्जा के स्रोत हैं।

दिव्य कर्तव्य एवं नवग्रह देवताओं का सहसंबंध

स्वस्थ अस्थियाँ, नेतृत्व-प्रतिष्ठा, उच्च सामाजिक स्थिति और प्रकाशमय बुद्धि प्रदान करते हैं; वैदिक ज्योतिष में सूर्य (Surya) के अनुरूप हैं।

पवित्र मंत्र एवं ध्यान प्रार्थना

ॐ सूर्याय नमः

oṃ sūryāya namaḥ

जप उच्चारण:ॐ सूर्याय नमः

प्रतिदिन प्रातःकाल पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य नमस्कार करें, और सूर्य की ऊर्जा को ग्रहण करके शरीर के भीतर स्थित सौर जाल (Solar Plexus) को सशक्त करें।

अपनी वैदिक ज्योतिष जन्म कुंडली (Kundli) अनलॉक करें

उच्च-सटीक लाहिरी अयनांश गणना के माध्यम से अपने आत्मकारक (Atmakaraka), चंद्र नक्षत्र (Nakshatra) और विशिष्ट आत्मिक संरक्षक आशीर्वाद का निर्धारण करें।