Planet: केतु (दक्षिण नोड)

लहसुनिया: केतु का रत्न

गहन आध्यात्मिक जागृति, तीव्र अंतर्ज्ञान और छिपे शत्रुओं से सुरक्षा लाता है।

केतु अलगाव, आध्यात्मिकता, पिछले जन्म के कर्म और मोक्ष का छाया ग्रह है। पीड़ित केतु अचानक नुकसान, दुर्घटनाएं और वास्तविकता से पूर्ण वियोग की भावना लाता है। लहसुनिया केतु की बिखरती ऊर्जा को केंद्रित करता है।

कर्म एवं ज्योतिषीय लाभ

यह छिपे शत्रुओं, बुरी नजर और शारीरिक खतरों से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है। यह तेजी से आध्यात्मिक विकास, अंतर्ज्ञान और मानसिक क्षमताओं को तेज करता है। चिकित्सकों, ज्योतिषियों और शोधकर्ताओं के लिए उत्कृष्ट।

कैसे पहनें (अनुष्ठान)

चांदी में जड़ित करें। मध्यमा या अनामिका में पहनें। मंगलवार या गुरुवार रात को पहनना चाहिए।

सख्त वैदिक चेतावनी

उचित चार्ट संरेखण के बिना लहसुनिया पहनने से अत्यधिक अलगाव, भौतिक दुनिया में रुचि की हानि और गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

आपके लिए कौन सा रत्न सही है?

अपने रत्न का अनुमान कभी न लगाएं। अपने सटीक लग्न और ग्रहों की शक्तियों की गणना करके अपने 'योगकारक' (सबसे शुभ) ग्रह का पता लगाना आवश्यक है।