मालव्य योग: सौंदर्यप्रेमी
अत्यधिक शारीरिक सुंदरता, विलासिता, कलात्मक प्रतिभा और गहन भौतिक सुख-सुविधाओं का जीवन प्रदान करता है।
यह कैसे बनता है (कोड)
यह तब बनता है जब शुक्र अपनी राशि (वृष, तुला) या अपनी उच्च राशि (मीन) में स्थित होता है, और केंद्र (पहले, चौथे, सातवें, दसवें भाव) में रखा जाता है।
परिणाम और जीवन प्रभाव
यह योग शुक्र ऊर्जा की सर्वोच्च अभिव्यक्तियाँ लाता है। जातक विलासितापूर्ण वाहनों, सुंदर घरों, उत्तम भोजन और उत्कृष्ट रोमांटिक साझेदारियों का आनंद लेंगे। उनके पास प्राकृतिक अनुग्रह, आकर्षण और चुंबकीय आकर्षण होता है, जो उन्हें मीडिया, कला या फैशन में अत्यधिक सफल बनाता है।
कर्मिक सबक
मालव्य योग की चुनौती शुद्ध भौतिकवाद या सुखवाद के जाल से बचना है। जातक को बिना सांसारिक इच्छाओं के गुलाम बने सौंदर्य की सराहना करना सीखना चाहिए।
क्या आपके पास यह योग है?
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