राज योग: शाही संयोजन
बड़ी सफलता, राजनीतिक शक्ति और अपने क्षेत्र में पूर्ण शीर्ष पर पहुंचने के लिए अंतिम संयोजन।
यह कैसे बनता है (कोड)
राज योग तब बनता है जब एक केंद्र (चतुर्थांश: क्रिया के पहले, चौथे, सातवें, दसवें भाव) का स्वामी एक त्रिकोण (त्रिकोण: आशीर्वाद के पहले, पांचवें, नौवें भाव) के स्वामी के साथ जुड़ता है।
परिणाम और जीवन प्रभाव
यह 'राजा बनाने वाला' योग है। यह व्यावहारिक रूप से स्थिति में वृद्धि, अपार अधिकार और एक आरामदायक, विलासितापूर्ण जीवन की गारंटी देता है। शक्तिशाली राज योग वाले लोग आसानी से निगमों, सरकार या सार्वजनिक जीवन में शीर्ष रैंक तक पहुंच जाते हैं। जब उनके संबंधित ग्रह काल (दशा) शुरू होते हैं तो बाधाएं गायब हो जाती हैं।
कर्मिक सबक
शक्ति चरित्र की परीक्षा है। आत्मा को परखा जा रहा है कि वह अत्यधिक अधिकार को कैसे संभालती है। इस शक्ति का दुरुपयोग अगले जन्म में गंभीर कर्म पतन की ओर ले जाता है।
क्या आपके पास यह योग है?
योग खोजने के लिए आपके D1 और D9 चार्ट में सटीक डिग्री, भाव स्वामित्व और ग्रह शक्तियों की गणितीय गणना की आवश्यकता होती है।
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